चिट्टा पर चोट , संस्कार सोसायटी का बड़ा कदम, छात्र व महिलाएं बनेंगी बदलाव की आवाज
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चिट्टा पर चोट , संस्कार सोसायटी का बड़ा कदम, छात्र व महिलाएं बनेंगी बदलाव की आवाज

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चिट्टा पर चोट , संस्कार सोसायटी का बड़ा कदम, छात्र व महिलाएं बनेंगी बदलाव की आवाज।

घुमारवीं।

घातक नशे चिट्टा के बढ़ते प्रचलन के खिलाफ समाज को जागरूक करने के उद्देश्य से संस्कार सोसायटी घुमारवीं ने “घुमारवीं अगेंस्ट चिट्टा” अभियान के अंतर्गत “चिट्टा पर चोट” नामक सोशल मीडिया वीडियो प्रतियोगिता का ऐलान किया है। प्रतियोगिता की घोषणा आज संस्कार सोसायटी के संस्थापक महेंद्र धर्मानी ने की। उन्होंने इसे नशे के खिलाफ जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।

महेंद्र धर्मानी ने कहा कि चिट्टा आज युवाओं के भविष्य पर सबसे बड़ा हमला है। यह नशा न केवल व्यक्ति को बल्कि पूरे परिवार और समाज को खोखला कर देता है। ऐसे में अब चुप बैठने का समय नहीं है, बल्कि हर वर्ग को खुलकर सामने आना होगा। इसी सोच के साथ यह प्रतियोगिता शुरू की जा रही है।

यह प्रतियोगिता “वीडियो छोटा, संदेश बड़ा” थीम पर आधारित होगी। इसके तहत प्रतिभागी चिट्टा के दुष्प्रभावों, नशे से होने वाली सामाजिक तबाही और इससे बचाव को लेकर जागरूकता संदेश देने वाले छोटे वीडियो या रील बनाकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और इंस्टाग्राम पर अपलोड कर सकेंगे। प्रतियोगिता में किसी भी शिक्षण संस्थान के छात्र-छात्राएं और महिलाएं भाग ले सकती हैं।

सोसाइटी के अनुसार यह प्रतियोगिता उपमंडल घुमारवीं के तहत आने वाले छात्र-छात्राओं तथा महिलाओं के लिए होगी ।प्रतियोगिता 1 फरवरी सुबह 8:00 बजे से 28 फरवरी शाम 5:00 बजे तक आयोजित की जाएगी। इस अवधि में प्रतिभागी अपने वीडियो अपलोड कर प्रतियोगिता में शामिल हो सकते हैं। प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए 50  रुपये का प्रवेश शुल्क निर्धारित किया गया है।

प्रतियोगिता की इनामी राशि महिला एवं विद्यार्थी दोनों श्रेणियों के लिए संयुक्त रूप से समान रखी गई है। इसमें प्रथम पुरस्कार 10,000 रुपये द्वितीय पुरस्कार 5,000 रुपये तृतीय पुरस्कार 2,500  रुपये  तथा पाँच सांत्वना पुरस्कार 1,000 रुपये के प्रदान किए जाएंगे। सोसायटी  का कहना है कि पुरस्कार प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करने का माध्यम है। असली मकसद समाज में जागरूकता फैलाना है।

महेंद्र धर्मानी ने कहा कि यदि आज हम नहीं बोले तो कल हमारे बच्चे बोलने की हालत में भी नहीं रहेंगे। उन्होंने  महिलाओं, छात्र और छात्रोंओं से अपील की कि वे इस अभियान का हिस्सा बनें और सोशल मीडिया के माध्यम से नशे के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करें। उन्होंने कहा कि यह प्रतियोगिता केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि नशे के खिलाफ संघर्ष की शुरुआत है।संस्कार सोसायटी ने विश्वास जताया है कि यह पहल समाज में सकारात्मक बदलाव लाएगी और घुमारवीं सहित पूरे प्रदेश में नशा विरोधी संदेश को मजबूती से पहुंचाएगी।
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